अपक्षय किसे कहते है?

अपक्षय किसे कहते है?

अपक्षय किसे कहते है?- चट्टनों के अपने ही स्थान पर कमजोर होने अथवा टूटने सड़ने तथा विखंडित होने को अपक्षय कहा जाता है जैसे जैसे ये चट्टानें धरातल पर अनावृत होकर मौसमी प्रभावों से प्रभावित होती है तो यह प्रक्रिया शुरु हो जाती है और इस प्रकार इस प्रक्रम में चट्टने शिला चूर्ण में परिवर्तित हो जाती है।

अपक्षय किसे कहते है? अपक्षय कितने प्रकार के होते है?

अपक्षय कारकों के आधार पर तीन प्रकार के होते है

भौतिक या यांत्रिक अपक्षय  

इसके अंर्तगत चट्टानें टूटती है लेकिन इनके रासायनिक संरचना में कोई परिवर्तन नहीं होता।  भौतिक अपक्षय में तापमान का परिवर्तन सर्वाधिक प्रभावशाली कारक होता है। तापमान में परिवर्तन के कारण चट्टानों के आयतन में परिवर्तन होता है। दिन के समय अत्यधिक तापमान के कारण चट्टानों के आयतन में प्रसार होता है जबकि रात्रि के समय निम्न ताप के कारण चट्टानों बड़े-बड़े टुकड़ों में विखंडित हो जाती है।

रासायनिक अपक्षय

इसमें चट्टानों के  के विघट्टन के साथ-साथ उनकी रसायनिक संरचना में भी परिवर्तन होने लगता है। अधिकांश रासायनिक परिवर्तन जल की की उपस्थिति में होता है। रासायनिक अपक्षय के अंतर्गत चट्टानों में उपस्थित जल वायुमंडल गैसों साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करता है। जिससे कि आक्साइड बाइकार्बोनेट तथा कार्बेनिक अम्लों की उत्पत्ति होती है। तथा चट्टानों में उपस्थित खनिज का घोलन, आक्सीडेशन, कार्बोनेशन, सिलिका का पृथक्करण व हाइड्रेशन संभव हो पाता है।

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