ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते है?

ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते है?

ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते है?- ऑपरेटिंग सिस्टम का कार्य हार्डवेयर और साफ्टवेयर में आपस में सम्बन्ध स्थापित करता है। सन 1970 के आस-पास डिजिटल रिसर्च का CPM के नाम से ऑपरेटिंग प्रयोग किया जाता था। ये एक नान-एप्पल ऑपरेटिंग था। इसके बाद IBM ने अपना ऑपरेटिंग सिस्टम बाजार में उतारा। सन  1980 तक जितने भी ऑपरेटिंग बाजार में आए वह सब टेक्स्ट पर आधारित थे। और साफ्टवेयर कमाण्ड पर कार्य करते थे। लेकिन कुछ समय के बाद कमाण्ड संचालन कार्य ऑपरेटिंग के स्थान पर ग्राफिकल यूजर इन्टरफेस द्वारा किया जाने लगा।

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार एवं के कार्य

  1. यह कम्प्यूटर की इनपुट और आउटपुट डिवाइस को नियंत्रित करता है।
  2. ये प्रोग्राम को मैमोरी आवंटित करता है।
  3. यह हार्डवेयर को नियंत्रित करता है।
  4. यह कम्प्यूटर की गतिविधि को संभालता है।
  5. ऑपरेटिंग सिस्टम निर्णय लेने का कार्य करता है।
  6. कामाण्ड तथा निर्देशों के बीच ताल-मेल बनाता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते है?

ऑपरेटिंग सिस्टम के दो प्रकार होते है

  1. सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम
  2. मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम

सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम – 

इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम को एक बार में एक ही कम्प्यूटर पर चलाया जा सकता है। यदि आप के पास चार कम्प्यूटर है तो आप एक साथ सभी को चालू नहीं कर सकते इसके लिए आपको अलग-अलग कम्प्यूटर के लिए अलग ऑपरेटिंग सिस्टम की आवश्यकता होगी।

मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम 

इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग एक ही समय पर अनेक कम्प्यूटर को चलाने के लिए किया जाता है। इनमे अलग अलग कम्प्यूटर को अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम पर लोड नहीं करना पड़ता। इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग नेटवर्क बना कर किया जाता है। इसके द्वारा एक से अधिक यूजर सेन्ट्रल प्रोसेसर का उपयोग कर सकते है।

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