हर्ष वर्धन की मृत्यु के बाद सिंहासन पर कौन बैठा?

हर्ष वर्धन की मृत्यु के बाद सिंहासन पर कौन बैठा?

हर्ष वर्धन का संबंध पुष्यभूति वंश से था जिसे वर्धनवंश भी कहा जाता था। इस वंश की स्थापना पुष्यभुति ने की थी।  हर्ष वर्धन राज्यवर्धन के बाद सिंहासन पर बैठा था। हर्ष वर्धन ने लगभग 41 वर्ष तक शासन किया था। हर्ष वर्धन बौद्ध धर्म का अनुयायी था। हर्ष की सेना को 620 ई में चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर पराजित किया था। सुव्याख्यात ह्नेगसांग हर्ष के शासन में ही भारत आया था।
हर्ष वर्धन की मृत्यु के बाद उत्तरी-पश्चिमी भारत छोटे-छोटे राज्य में बंट गया। ये छोटे-छोटे स्वतंत्र राज्य राजपूत शासकों के थे। जिन्होंने हर्ष के बाद लगभग 500 सालों तक शासन किया। इस युग के मुख्य शासक पृथ्वीराज चौहान, जयचन्द, राणा संग्राम सिंह। महाराणा प्रताप आदि थे। उत्तर भारत का सबसे शक्तिशाली वंश चौहान वंश था। और पृथ्वीराज चौहान इस वंश के सबसे प्रतापी शासक थे।

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